C++ Introduction in hindi

C ++ एक object-oriented programming language है जिसे Bjarne Stroustrup ने 1983 में AT & Bell Laboratories में विकसित किया था।

क्योंकि C ++ C का ही अपडेटेड वर्जन है। तो यह C की सभी विशेषताओं के साथ-साथ OOP का समर्थन करता है। यदि सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम C में बनाया गया है, तो इसे C ++ में और बेहतर तरीके से बनाया जा सकता है। इसमें दो programming language (C और C ++) को शामिल करने के कारण इसे hybrid language भी कहा जाता है।

C++ low level और high level programming, दोनों को support करता है जिस कारण इसे middle language की भाषा के रूप में जाना जाता है। C++ के कई features को modern language में use किया गया है इसलिए इसे कई शैक्षणिक संस्थानों में प्राथमिकता दी जाती है।

C++ features in hindi

C ++ की मुख्य विशेषता निम्नलिखित है जो इसे C से अलग करती है।

CPP-features-in-hindi

 

हम इस ट्यूटोरियल में आगे इन advanced features के बारे में बताया गया है। यहाँ पर C और C++ के अंतर के बारे में बताया गया है।

C ++ में pointer (memory manipulation ), global variable (कई functions द्वारा access , memory wastage ), और friend -function (private member को access करना ) हैं जो इसमें कुछ सुरक्षा सम्बन्धी उत्पन करते हैं।

लेकिन फिर C++ का व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है –

use of C++ in real life in hindi

  • C ++ का उपयोग system software (जैसे windows, Linux, mobile OS) से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (जैसे, Photoshop, coral-draw, Microsoft-office) बनाने में किया जाता है।
  • C ++ भाषा का उपयोग Graming क्षेत्र में , animation, motion graphics, virtual reality device जैसे high usage वाले software विकसित करने में भी किया जाता है।

C ++ provide speed है, इसलिए इसका उपयोग web browser द्वारा किया जाता है, उदाहरण के लिए, Google Chrome, Mozila Firefox, Opera Mini, Google, Facebook, Yahoo आदि इसके उदाहरण हैं ।

अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे Java, C, C # आदि के compiler ज्यादातर C ++ भाषा में लिखे गए हैं।

व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला MySQL (एक अंतर्निहित C ++ भाषा) का उपयोग किसी database को access के लिए किया जाता है। जो user को database को तेजी से access करने की सुविधा प्रदान करता है।

media player बनाने के साथ, C ++ का उपयोग मीडिया फ़ाइलों को प्रबंधित करने के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा, C ++ का उपयोग Online streaming में किया जाता है। जैसे YouTube, internet radio, टेलीविज़न प्रसारण आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं ।

C ++ में low level पर में भी किया जाता है जहाँ पर किसी hardware को नियत्रित किया जाता है। जैसे कि Robotics, router, system driver, networking switch आदि।

अन्य उपयोग – CD/CAM system, MRI मशीन (चिकित्सा में प्रयुक्त),visual effects, mobile sensor, smart watch, गेमिंग टूल्स, मल्टीटास्क ऑपरेशन, इमेज प्रोसेसिंग, एप्लिकेशन, फाइनेंशियल सिस्टम, फ्लाइट सिमुलेटर, रडार क्लाउड स्टोरेज, कंटेंट जैसे इंजीनियरिंग एप्लिकेशन प्रबंधन प्रणाली, कॉल सेंटर, भुगतान प्रसंस्करण, वेब सर्वर, एप्लिकेशन सर्वर आदि।

C ++ सभी OOPs प्रकार की प्रोग्रामिंग भाषाओं का आधार है, क्योंकि लगभग सभी modern language के अधिकांश features C ++ से लिए गए हैं।इसलिए यदि आपके पास C ++ में अच्छा कौशल है, तो आप अन्य language- जावा, पीएचपी, एंड्रॉइड जैसी अन्य प्रोग्रामिंग भाषा आसानी से सीख सकते हैं।

इसलिए हमारे अनुसार, अन्य भाषाओं को सीखने से पहले आपको C ++ पर एक नज़र डालनी चाहिए। यह लॉजिक्स / एक्सप्रेशन बनाने की आपकी क्षमता को विकसित करता है जो एक program की मूल संरचना होती। है।

लेकिन हमेशा याद रखें, प्रोग्रामिंग सीखें, भाषाएं नहीं।

यह आवश्यक नहीं है कि आप C ++ से पहले C सीखे। आप इसे  C और C ++ के बीच अंतर की मदद से समझ सकते हैं,

Difference between C and C++ in hindi

 

C C++
C एक Procedural Oriented Programming, प्रकार की एक language है C एक Object Oriented Programming , प्रकार की एक language है
इसमें reference variable नहीं पाया जाता। इसमें reference variable पाया जाता।
इसमें scanf input के लिए तथा printf output के लिए use किया जाता है। इसमें cin input के लिए तथा cout output के लिए use किया जाता है।
यहाँ पर किसी structure के member function प्रकार के नहीं हो सकते सभी member data-type प्रकार के होंगे । इसमें एक structure के members data-type और function दोनों प्रकार के संभव हैं।
क्योंकि यह POP type language है इसलिए यह class , data hiding , data abstraction , data encapsulation , inheritance जैसे features को support नहीं करता। यह सभी oops features को support करता है।
इसमें calloc () और malloc () से memory allocation होता है जबकि memory de -locate free () से किया जाता है। इसमें dynamic memory allocation new operator से किया होता है जबकि memory de -locate दूसरे operator delete से किया जाता है।
c language में एक program function में बंटा होता है। c++ language में program class और object में बंटा होता है।
c file का extension type .c होता है। एक c++ file का extension type .cpp होता है।

यदि हम C और C ++ के बीच अंतर के बारे में बात करते हैं, तो यह केवल OOPs का अंतर है। OOPs का concept, class और object पर आधारित है, क्योंकि C ++ में OOPs की लगभग सभी विशेषताएं, जैसे data abstraction, data hiding, inheritance आदि को class से ही implement होते हैं।

C और C ++ के अंतर को समझने के लिए आप नीचे दिए गए प्रोग्राम को देख सकते हैं,

 

Example of pop and oop in C++ hindi

नीचे दिए गए प्रोग्राम में, हम दो नंबर जोड़ते हैं दोनों प्रोग्राम एक ही task perform कर रहे हैं लेकिन अलग तरीके से –

example of pop

#include <stdio.h> 
#include<conio.h> 
   
 int main() // program start here 
 { 
   int first,second,sum; // variable declaration 
   printf("Enter two integers: "); 
   scanf("%d %d", &first, &second); 

      sum = first + second; 

   printf("%d + %d = %d", first, second, sum); 
   getch(); 

return 0; 
}

OUTPUT

Enter two numbers: 4 3
4 + 3 = 7

example of oops

#include<conio.h>
#include<iostream.h>

   class total
    {
    private:
    int first,second,sum; // variable declaration
 public: 
    void get_num(void); 
};

  void total::get_num(void)
   {
      cout<<"Enter two numbers: ";
      cin>>first>>second;
      
      sum = first + second;
      
     cout<<first<<" + "<<second<<" = "<<sum; // printing values
   }

 int main() // main program start here
  {
    total object;
    object.get_num();
    getch();

return 0;
  }

OUTPUT

Enter two numbers: 4 3
4 + 3 = 7

क्योंकि C ++ Procedure Oriented Programming (POP) और Object-Oriented Programming (OOP) दोनों का समर्थन करता है, इसलिए OOPs का concept से पहले सारे program POPs आधारित हैं।


C++ hello world program


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